कई दिनों तक मैं वहीँ खड़ा रहा...
इंतज़ार करता रहा..
रोया नहीं.... हंसा नहीं...
तुम्हारे लौट आने की उम्मीद में..
उसी शर्ट में जिसमे तुम्हे मैं सबसे अच्छा लगता था...
दिल मानने को तैयार ही नहीं था..
की तुम नहीं लौटोगी..
आज जब 5 साल बाद...
इस पार्टी में अचानक से सामने आ गयी हो तो...
ऐसे घबरा कर मुझे ना देखो...
इस शर्ट का कलर वही है....
लेकिन ये शर्ट वो नहीं है..
जो तुमने कभी मुझे गिफ्ट की थी...
सुनो ओ..
जिसे छोड़ के तुम भी चली गयीं थी...
वो वाला मैं भी चला गया..
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